पंजाब के किसानों के लिए बड़ी राहत, खाद की कमी नहीं होने देगी सरकार : भगवंत मान ने केंद्र से की अहम मांगें

नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन के दौरान सुचारू खरीद, बीज नीति और उर्वरक आपूर्ति को लेकर विस्तार से चर्चा की और किसानों के हित में कई जरूरी हस्तक्षेप की मांग की।
खरीफ सीजन को लेकर बीज और खरीद व्यवस्था पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने केंद्र से आग्रह किया कि धान के कुछ हाइब्रिड बीजों के नोटिफिकेशन को रद्द किया जाए, क्योंकि इनसे मिलिंग के दौरान दानों के टूटने की दर अधिक पाई जा रही है और गुणवत्ता मानकों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को खरीद प्रक्रिया के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है और सुचारू खरीद व्यवस्था प्रभावित होती है।
केंद्रीय बीज समिति में पंजाब के प्रतिनिधित्व की मांग
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रस्तावित बीज विधेयक-2025 के तहत केंद्रीय बीज समिति में पंजाब को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि उत्पादन में देश का प्रमुख योगदानकर्ता है, ऐसे में राज्य की भागीदारी नीति निर्धारण में जरूरी है ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें।
फसल विविधीकरण और भूजल संरक्षण पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में मक्का, दालें, तिलहन, सूरजमुखी और बाजरा जैसी फसलों को बढ़ावा देकर धान पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता है, ताकि लगातार घट रहे भूजल स्तर को बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य के कई कृषि क्षेत्र पहले ही डार्क जोन में पहुंच चुके हैं।
गेहूं बीज सब्सिडी और उत्पादन लक्ष्य पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने केंद्र के निर्धारित गेहूं उत्पादन लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया है और अब 2026-27 के लिए गेहूं बीज सब्सिडी को मंजूरी देने की आवश्यकता है। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और बीज प्रतिस्थापन दर बढ़ाने पर भी जोर दिया।
किसानों के लिए निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने केंद्र से खरीफ और रबी सीजन के दौरान खाद और बीज की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है और देश के अन्न भंडार में बड़ा योगदान देता है, ऐसे में किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान जरूरी है।
केंद्र की ओर से जांच समिति गठित करने का आश्वासन
बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिया कि हाइब्रिड धान बीजों से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी और किसानों की खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फसल विविधीकरण के लिए केंद्र से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अपील की कि वैकल्पिक फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया जाए ताकि किसानों को धान-गेहूं चक्र से बाहर निकलने के लिए प्रोत्साहन मिले और राज्य के जल संसाधनों का संरक्षण किया जा सके।



