राजनीति

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर! AIADMK के दोनों धड़े एक होने की ओर, TVK सरकार पर संकट के संकेत तेज

चेन्नई: तमिलनाडु की सियासत में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK के दोनों गुटों के बीच लंबे समय से चला आ रहा मतभेद अब खत्म होता नजर आ रहा है। सुलह की इस कवायद के बीच पार्टी एकजुटता की ओर बढ़ रही है, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर गुरुवार को AIADMK के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के विलय और उससे जुड़े राजनीतिक दावों पर अहम फैसला सुना सकते हैं। इस फैसले को राज्य की सियासत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दोनों गुटों ने वापस लीं याचिकाएं, एकता का दावा मजबूत

जानकारी के मुताबिक, AIADMK के दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ दायर की गई अपनी याचिकाएं वापस ले ली हैं और पार्टी में एकता का दावा करते हुए औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। इस घटनाक्रम को पार्टी में संभावित पुनर्मिलन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सूत्र बताते हैं कि वरिष्ठ नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी और एस.पी. वेलुमणि के बीच लंबी बातचीत के बाद यह सुलह संभव हो पाई है। इसके बाद वेलुमणि गुट के विधायक चेन्नई में पलानीस्वामी से मुलाकात के लिए पहुंचे।

TVK सरकार से समर्थन वापसी का पत्र

इसी बीच राजनीतिक हलचल तब और बढ़ गई जब वेलुमणि गुट के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपकर जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार से समर्थन वापस लेने की बात कही। इस कदम को राज्य की सत्ता संतुलन में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

स्पीकर आज सुनाएंगे फैसला

विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें दोनों गुटों की ओर से याचिकाएं प्राप्त हुई हैं, जिन्हें वे विस्तार से पढ़ने के बाद गुरुवार को अपना निर्णय सुनाएंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी याचिकाकर्ताओं की उपस्थिति और दावों की पुष्टि की जा चुकी है, हालांकि कुछ नेताओं की औपचारिक उपस्थिति और स्वीकार्यता को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

पार्टी में अंदरूनी मतभेद भी सामने आए

इस घटनाक्रम के बीच AIADMK के भीतर ही असहमति की स्थिति भी देखने को मिल रही है। कुछ नेताओं के बीच पुनर्मिलन और वापसी को लेकर मतभेद बढ़ते दिख रहे हैं। वरिष्ठ नेता सी.वी. शनमुगम के रुख को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात से इनकार किया था, हालांकि बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की पहल पर बातचीत का रास्ता खुला।

तमिलनाडु की सियासत में बड़ा मोड़ संभव

AIADMK के दोनों गुटों के संभावित एकीकरण और TVK सरकार से समर्थन वापसी के दावों ने राज्य की राजनीति में बड़ा सस्पेंस पैदा कर दिया है। अब सभी की निगाहें विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हैं, जो तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा तय कर सकता है।

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