स्वास्थ्य

शरीर को नुकसान पहुंचाती है गर्भनिरोधक गोली

लखनऊ : बर्थ कंट्रोल या गर्भनिरोधक गोली लेने से आपके शरीर के अंदर ऑव्यूलेशन बंद हो जाता है। जब ऑव्यूलेशन ही नहीं होगा तो एग्स का भी उत्पादन नहीं होगा और जब एग्स बनेंगे ही नहीं तो स्पर्म से मिलकर फर्टिलाइज होने का खतरा भी नहीं होगा। तो कुल मिलाकर प्रेग्नेंसी का रिस्क भी नहीं रहेगा। इसे आमतौर पर ओरल कॉन्ट्रसेप्टिव पिल भी कहते हैं और यह प्रेग्नेंसी को रोकने का हॉर्मोन बेस्ड तरीका है। सिर्फ प्रेग्नेंसी रोकने के लिए ही नहीं बल्कि अनियमित माहवारी को सही करने के लिए, पीरियड्स के दौरान होने वाले बहुत ज्यादा दर्द की समस्या से निपटने के लिए और प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम पीएमएस की दिक्कत से निपटने में भी इन गोलियों का इस्तेमाल किया जाता है।

गोली लेने के हैं कई साइड इफेक्ट्स
अगर इन गोलियों का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो ये बेहद असरदार होती हैं। लेकिन गर्भनिरोधक गोलियां सिर्फ प्रेग्नेंसी को रोक सकती हैं सेक्शुएली ट्रांसमिटेड डिजीज यानी एसटीडी को नहीं। उसके लिए आपको कॉन्डम का भी इस्तेमाल करना होगा। हालांकि अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए नियमित रूप से गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं। लिहाजा गोली खाने से पहले गोली की वजह से शरीर में होने वाले नुकसान के बारे में जानना जरूरी है।

मेन्स्ट्रुअल स्पॉटिंग
जब आप गोली लेना शुरू करती हैं तो 2 पीरियड्स साइकल के बीच आपको वजाइनल ब्लीडिंग हो सकती है और यह बेहद कॉमन प्रॉब्लम है। हालांकि गोली लेने के 3 महीने तक ऐसा होता है। बाद में धीरे-धीरे यह समस्या ठीक हो जाती है। ये ब्लीडिंग इसलिए होती है क्योंकि आपका शरीर अलग-अलग लेवल्स के हॉर्मोन्स के साथ तालमेल बिठाना सीख रहा होता है।

जी मिचलाना, उल्टी आना
बहुत सी महिलाएं जब पहली बार गर्भनिरोधक गोलियां लेना शुरू करती हैं तो उन्हें जी मिचलाने की दिक्कत भी होती है। हालांकि यह लक्षण भी कुछ समय बाद धीरे-धीरे ठीक हो जाता है। अगर गोली को खाली पेट लेने की बजाए खाने के साथ या सोने से पहले लिया जाए तो जी मिचलाने या उल्टी आने की दिक्कत नहीं होगी। अगर 3 महीने बाद भी जी मिचलाना जारी रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें।

सिरदर्द और माइग्रेन
इस बात की आशंका ज्यादा होती है कि गर्भनिरोधक गोलियों में मौजूद हॉर्मोन्स सिरदर्द और माइग्रेन को बढ़ा दें। दरअसल, ये गर्भनिरोधक गोलियां अलग-अलग टाइप और डोज की होती हैं इसलिए अगर कम डोज वाली गोली ली जाए तो सिरदर्द कम हो सकता है। इसके भी लक्षण समय के साथ कम होने लगते हैं। लेकिन अगर गोली लेते ही आपको तेज सिरदर्द होने लगे तो डॉक्टर की मदद लें।

​वजन बढ़ना
क्लीनिकल स्टडीज में गर्भनिरोधक गोली का सेवन करने और वजन बढ़ने के बीच लिंक पाया गया है। बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि अगर 6 से 12 महीने तक सिर्फ प्रोजेस्टिन वाली गर्भनिरोधक गोली का सेवन किया जाए तो 2 किलो तक वजन बढ़ सकता है।

​पीरियड्स मिस हो जाना
नियमित रूप से गोली का सेवन करने के बावजूद कई बार ऐसा होता है कि आपका पीरियड्स नहीं आता और मिस हो जाता है। इसकी वजह स्ट्रेस, किसी तरह की बीमारी, हॉर्मोनल अनियमितता, थाइरॉयड आदि हो सकता है। हालांकि अगर दवा लेने के बाद भी पीरियड्स मिस हो जाएं तो एक बार प्रेग्नेंसी टेस्ट कर लेना चाहिए।

​सेक्स की इच्छा में कमी
सबके साथ ऐसा हो जरूरी नहीं है लेकिन गर्भनिरोधक गोली में मौजूद हॉर्मोन्स की वजह से बहुत सी महिलाओं में सेक्स ड्राइव या लिबिडो में कमी देखने को मिलती है। अगर ये लक्षण भी लंबे समय तक जारी रहे और सेक्स की इच्छा में कमी आपको परेशान कर रही हो तो मेडिकल हेल्प लेना चाहिए।

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