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पिनराई विजयन पर ईडी का बड़ा एक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग केस में 10 ठिकानों पर छापेमारी से सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को केरल की सियासत में बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से जुड़े ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की है। यह कार्रवाई CMRL मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की गई, जिसके बाद राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

तिरुवनंतपुरम: ईडी ने केरल में कुल 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया है। इनमें तिरुवनंतपुरम स्थित पिनराई विजयन के किराए के आवास पर भी छापेमारी शामिल है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है, जिसमें जांच एजेंसी दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम सबूत जुटाने में लगी हुई है।

सीएमआरएल कंपनी और लेनदेन पर जांच के केंद्र में आरोप
मामला कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2018 से 2019 के बीच CMRL ने पिनराई विजयन की बेटी टी. वीना की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस भुगतान के बदले कंपनी की ओर से कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई, जिससे यह मामला संदिग्ध लेनदेन की श्रेणी में आता है।

हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
इस कार्रवाई से पहले CMRL ने ईडी की जांच को चुनौती देते हुए केरल हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद ईडी ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए PMLA के तहत कार्रवाई को तेज कर दिया।

2024 से चल रही है जांच, अब बढ़ा दायरा
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इस पूरे मामले में वर्ष 2024 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। उसके बाद से ही जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन और संबंधित कंपनियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। ताजा छापेमारी को इस जांच का एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी सरगर्मी
इस कार्रवाई के बाद केरल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा सकता है, जबकि सत्ताधारी खेमे की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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