उत्तराखंड

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन, 90 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस; प्रदेश में शोक की लहर

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और 90 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है।

उनके निधन की जानकारी उनकी पुत्री और राज्य विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। इसके बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

सेना से राजनीति तक शानदार सफर

भुवन चंद्र खंडूरी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को हुआ था। उन्होंने 1954 से 1991 तक भारतीय सेना की इंजीनियर्स कोर में सेवाएं दीं और मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेना में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।

सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। केंद्र सरकार में उन्हें राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

उत्तराखंड के दो बार मुख्यमंत्री रहे खंडूरी

राज्य गठन के बाद भुवन चंद्र खंडूरी उत्तराखंड के चौथे मुख्यमंत्री बने और बाद में छठे मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने राज्य का नेतृत्व किया। वे अपने ईमानदार और सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते थे।

सुशासन और पारदर्शिता की पहचान बने

अपने कार्यकाल में उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी। उन्हें राज्य में प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यों को नई दिशा देने वाले नेताओं में गिना जाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि खंडूरी ने सेना में रहते हुए देश सेवा और अनुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया, जबकि सार्वजनिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास और ईमानदार प्रशासन की मजबूत नींव रखी।

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