मध्य प्रदेशराज्य

MP में पटवारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 27 की सेवाएं खत्म; कई को नोटिस, पटवारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

भोपाल: मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी की संपत्तियों की रजिस्ट्री को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। सरकार ने कार्रवाई तेज करते हुए देवास और आगर-मालवा में 27 प्रोबेशनरी पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं, कई जिलों में अन्य पटवारियों को सेवा समाप्ति से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। ग्वालियर में भी बड़ी संख्या में पटवारियों को नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही का आरोप

सरकार की कार्रवाई को स्वामित्व योजना के तहत संपत्तियों की रजिस्ट्री में कथित देरी और काम में अड़ंगेबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से कार्रवाई की वजह काम में लापरवाही और अनियमितता बताई गई है।

गुना में चार पटवारियों को सेवा समाप्ति के नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष समेत चार पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई भी की गई है। कार्रवाई के बाद पटवारी संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जिला मुख्यालयों पर सौंपे ज्ञापन

कार्रवाई के विरोध में बुधवार को मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपे। संघ ने सरकार से सेवा समाप्ति के नोटिस और की गई कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।

पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि नोटिस वापस नहीं लिए गए और कार्रवाई नहीं रोकी गई तो पटवारी ऑनलाइन राजस्व कार्य से दूरी बना सकते हैं। इसके बाद आंदोलन को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई है।

नामांतरण के लिए रिश्वत मांगने वाले पटवारी पर मुकदमे की मंजूरी

सीहोर जिले की जावर तहसील में पदस्थ पटवारी धर्मेंद्र सिंह राठौर के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दी गई है। उन पर भूमि नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। लोकायुक्त में की गई शिकायत के मुताबिक पटवारी ने नामांतरण के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी।

शिकायत के सत्यापन के दौरान हुई बातचीत डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज की गई। इसमें 8 हजार रुपये में सौदा तय होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पंच साक्षियों की मौजूदगी में रिकॉर्डिंग का पंचनामा तैयार किया गया और ट्रैप की कार्रवाई की गई। एफएसएल जांच में रिकॉर्ड की गई आवाज पटवारी धर्मेंद्र सिंह राठौर की होने की पुष्टि हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर सीहोर कलेक्टर बालागुरु के. ने अभियोजन की मंजूरी दी है।

भोपाल में भी रिश्वत के आरोपी पटवारी पर कार्रवाई

भोपाल में पटवारी मंगलेश खंडेलवाल के खिलाफ भी अभियोजन की स्वीकृति जारी की गई है। उन पर कोलार क्षेत्र में मकान के फर्जी नामांतरण और लीज रिन्यू कराने के बदले 8 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।

एसडीएम की रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद भोपाल कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रियंक मिश्रा ने पटवारी मंगलेश खंडेलवाल के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दी है।

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