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हरियाणा में अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी, पुलिस ने बनाया 45,207 बदमाशों का डेटाबेस; 26 हजार का सत्यापन पूरा

चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस ने संगठित अपराध पर लगाम लगाने और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरे राज्य में खुफिया-आधारित मॉडल ‘आरजेएसएफ’ को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत अलग-अलग जिलों में सक्रिय अपराधियों की पहचान, उनकी मौजूदा स्थिति की पुष्टि और आपराधिक रिकॉर्ड को लगातार अपडेट किया जा रहा है।

45,207 सक्रिय अपराधियों का डेटाबेस तैयार

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 1 फरवरी 2026 से 25 अगस्त 2026 के बीच राज्य में कुल 45,207 सक्रिय अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया गया है। इनमें से 26,026 अपराधियों का अब तक सत्यापन किया जा चुका है, जो कुल संख्या का 57.57 फीसदी है।

सत्यापन के दौरान पुलिस को 7,425 अपराधी उनके पंजीकृत पते पर मिले। वहीं 1,612 अपराधी जेल में पाए गए, जबकि 375 की मौत होने की जानकारी सामने आई।

19,137 अपराधियों का सत्यापन अभी बाकी

पुलिस के अनुसार, 19,137 अपराधियों की जांच-पड़ताल अभी जारी है। इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जा रहा है, ताकि पुलिस के पास प्रत्येक अपराधी की मौजूदा स्थिति और गतिविधियों से जुड़ी ताजा जानकारी उपलब्ध रहे। इसका मकसद जरूरत पड़ने पर समय रहते उचित कार्रवाई करना है।

चार जिलों से शुरू हुआ था आरजेएसएफ मॉडल

एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि ‘आरजेएसएफ’ मॉडल की शुरुआत अपराध की दृष्टि से संवेदनशील रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद जिलों में अपराधियों की व्यवस्थित निगरानी के लिए की गई थी। अब इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इस मॉडल के तहत अपराधियों की प्रोफाइल तैयार करने के साथ उनकी मौजूदा स्थिति का सत्यापन, आपराधिक नेटवर्क की पहचान और जमीनी स्तर पर निगरानी की जाती है। पुलिस का प्रयास है कि अपराधियों से जुड़ी जानकारी लगातार अपडेट होती रहे, जिससे संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सके।

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