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केदारनाथ धाम के कपाट खुले, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, श्रद्धालुओं से 5 संकल्प अपनाने का किया आह्वान

देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर स्थित श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार को पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर देशभर से आए भक्तों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शुभ आरंभ पर देशवासियों को बधाई देते हुए बाबा केदार से सभी के कल्याण और सुखद यात्रा की कामना की।

चारधाम यात्रा की भव्य शुरुआत, गंगोत्री-यमुनोत्री के बाद केदारनाथ के कपाट खुले
चारधाम यात्रा की शुरुआत इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हो चुकी थी। आज केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा को नई गति मिली है। 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस प्रकार हिमालय की गोद में बसे चारों धाम एक बार फिर आस्था, विश्वास और भारतीय संस्कृति की दिव्यता के केंद्र बन गए हैं।

पीएम मोदी का संदेश, चारधाम यात्रा को बताया आस्था और एकता का उत्सव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच पर अपने संदेश में कहा कि केदारनाथ और चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि भारत की सनातन परंपराओं, आस्था और एकता का दिव्य उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से भारत की सांस्कृतिक चेतना और अधिक मजबूत होती है और यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी सशक्त बनाती है। पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि हिमालय की इन पवित्र यात्राओं ने सदियों से भारतीय संस्कृति को दिशा देने का कार्य किया है।

आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बनी चारधाम यात्रा
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि चारधाम यात्रा हर वर्ष देश की विविध भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में चल रहे विकास कार्यों के चलते यह यात्रा पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और दिव्य बन चुकी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य पर्यटन, आध्यात्मिकता और आर्थिक प्रगति के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

पीएम मोदी के 5 संकल्प, श्रद्धालुओं से विशेष अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने की अपील की। उन्होंने सबसे पहले स्वच्छता को सर्वोपरि बताते हुए धाम और आसपास स्वच्छता बनाए रखने, नदियों को साफ रखने और प्लास्टिक मुक्त यात्रा का संकल्प लेने की बात कही। दूसरे संकल्प में उन्होंने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए वृक्षारोपण जैसे प्रयासों में भागीदारी की अपील की।

तीसरे संकल्प में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने की बात कही गई, जिसमें यात्रियों से एक-दूसरे की सहायता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का आग्रह किया गया। चौथे संकल्प में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए यात्रियों से अपने कुल खर्च का एक हिस्सा स्थानीय वस्तुओं की खरीद पर खर्च करने का अनुरोध किया गया। वहीं पांचवें संकल्प में यात्रा के नियमों और यातायात निर्देशों का पालन करने की अपील की गई ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।

डिजिटल उपवास और सांस्कृतिक प्रचार पर भी जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रियों से यात्रा के दौरान डिजिटल उपवास अपनाने और उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को पूरी तरह अनुभव करने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने देश के कंटेंट क्रिएटर्स और प्रभावशाली व्यक्तियों से अपील की कि वे उत्तराखंड की स्थानीय कहानियों और परंपराओं को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाएं।

समापन संदेश में आशीर्वाद और शुभकामनाएं
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा केदार और चारों धामों का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं के जीवन में नई ऊर्जा, प्रेरणा और संकल्प का संचार करे। उन्होंने सभी यात्रियों को सफल, सुरक्षित, दिव्य और आत्मीय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।


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