हिमाचल में नए मुख्य सचिव को लेकर हलचल तेज, संजय गुप्ता की रिटायरमेंट के बाद इन पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों पर नजर

शिमला: हिमाचल प्रदेश में अगले मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता 31 मई को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। ऐसे में यदि राज्य सरकार उनके सेवा विस्तार का प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजती है, तो प्रदेश को जल्द नया मुख्य सचिव मिल सकता है।
मुख्य सचिव पद की दौड़ में फिलहाल दो वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत और आर.डी. नजीम प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठता और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए के.के. पंत की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
के.के. पंत सबसे मजबूत दावेदार
के.के. पंत वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जबकि आर.डी. नजीम 1995 बैच से संबंध रखते हैं। पंत मूल रूप से उत्तराखंड और नजीम तमिलनाडु से हैं। वरिष्ठता क्रम में पंत सबसे आगे हैं, ऐसे में उनके हिमाचल प्रदेश के अगले मुख्य सचिव बनने की संभावना अधिक बताई जा रही है।
ओंकार शर्मा का नाम भी चर्चा में, लेकिन मुश्किलें बरकरार
मुख्य सचिव पद की रेस में 1994 बैच के आईएएस अधिकारी ओंकार चंद शर्मा का नाम भी शामिल है। हालांकि विमल नेगी मौत मामले में उच्च न्यायालय में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने जनजातीय विकास विभाग को छोड़कर उनके पास से अन्य विभाग वापस ले लिए थे। ऐसे हालात में उनका मुख्य सचिव पद तक पहुंचना फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है।
अनुराधा ठाकुर और भरत हरबंस खेड़ा भी पात्र अधिकारियों में शामिल
मुख्य सचिव पद के लिए पात्र अधिकारियों में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर तैनात अनुराधा ठाकुर और भरत हरबंस खेड़ा के नाम भी शामिल हैं। अनुराधा ठाकुर वर्तमान में वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों की सचिव हैं, जबकि भरत हरबंस खेड़ा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में सचिव पद पर कार्यरत हैं।
हालांकि दोनों अधिकारियों के केंद्र से वापस हिमाचल लौटने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। ऐसे में प्रदेश में तैनात अधिकारियों में के.के. पंत और आर.डी. नजीम के बीच मुकाबला ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहा है।
कार्मिक विभाग तैयार करेगा नियुक्ति प्रस्ताव
नए मुख्य सचिव की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया कार्मिक विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में कार्यरत तीन अतिरिक्त मुख्य सचिवों — के.के. पंत, ओंकार शर्मा और आर.डी. नजीम — को मुख्य सचिव ग्रेड का अधिकारी माना जाता है। वहीं अनुराधा ठाकुर और भरत हरबंस खेड़ा केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।
संजय गुप्ता के सेवा विस्तार पर भी नजर
कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने हाल ही में पंजाब राज्य विद्युत नियामक आयोग में अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया था और 22 अप्रैल को उनका साक्षात्कार भी हो चुका है। माना जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड में किए गए सुधारों को देखते हुए उनकी पंजाब में नियुक्ति की संभावना मजबूत है।
यदि हिमाचल सरकार संजय गुप्ता को सेवा विस्तार देना चाहती है तो इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी। हालांकि नियमों के तहत केंद्र सरकार अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को सेवा विस्तार देने से इनकार भी कर सकती है, खासकर तब जब राज्य में पहले से पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त मुख्य सचिव उपलब्ध हों।



