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ईरान जंग के बीच उर्वरक और रसायन उद्योग को सरकार ने दी बड़ी राहत, पेट्रोकेमिकल प्रोडक्टस पर कस्टम ड्यूटी में दी छूट

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उर्वरक और रसायन उद्योग को बड़ी राहत देते हुए अमोनियम नाइट्रेट सहित कई महत्वपूर्ण कच्चे माल पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में छूट देने का ऐलान किया है। यह छूट 2 अप्रैल से 30 जून तक लागू रहेगी। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, करीब 40 पेट्रो-रसायन कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क को शून्य कर दिया गया है। इसमें अमोनियम नाइट्रेट, मेथनॉल, फिनॉल, पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) और पॉलीप्रोपाइलीन जैसे अहम रसायन शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि यह फैसला जनहित में लिया गया है, ताकि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्ष और आपूर्ति संकट के बीच उद्योगों को लागत के दबाव से राहत मिल सके। इस निर्णय से खासतौर पर उर्वरक कंपनियों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि अमोनियम नाइट्रेट जैसे रसायन खाद निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे उत्पादन लागत घटेगी और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव कम होगा।

इसके अलावा, अमोनियम नाइट्रेट पर लगने वाले कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर को भी हटा दिया गया है, जिससे उर्वरक क्षेत्र को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर, यह कदम उद्योग के लिए लागत राहत पैकेज के रूप में देखा जा रहा है। सरकार के इस फैसले से कच्चा माल सस्ता होने की संभावना है, जिससे उत्पादन लागत कम होगी, आपूर्ति में सुधार आएगा और महंगाई को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।

जिन रसायनों को छूट में शामिल किया गया है, उनमें बुनियादी औद्योगिक रसायन जैसे मेथनॉल, एसीटिक अम्ल, फिनॉल, टोल्युइन और अमोनिया शामिल हैं, जिनका उपयोग लगभग हर रसायन उद्योग में होता है। पेट्रो-रसायन और प्लास्टिक कच्चे माल पर भी शुल्क हटाया गया है, जिनका उपयोग पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तु क्षेत्रों में किया जाता है। उच्च स्तरीय अभियांत्रिकी सामग्री का उपयोग एयरोस्पेस, रक्षा, चिकित्सा उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में होता है।

इसके अलावा, इन रसायनों का उपयोग पीवीसी पाइप, पेंट, कोटिंग और इन्सुलेशन सामग्री के निर्माण में भी किया जाता है। ऑटोमोबाइल उद्योग में प्लास्टिक पुर्जे और सीट फोम बनाने में भी इनका व्यापक उपयोग होता है। फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी इन रसायनों की अहम भूमिका है, जिससे दवाइयों के उत्पादन में निरंतरता बनी रहेगी। अमोनियम नाइट्रेट पर शुल्क हटाने से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और उसकी कीमतों को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, उर्वरक और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला सुचारु बनी रहेगी।

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