झारखण्ड

धर्म परिवर्तन करने वालों को ST सूची से बाहर करने की मांग तेज, 24 मई को दिल्ली में ‘डीलिस्टिंग गर्जना महारैली’ का ऐलान

झारखंड में धर्म परिवर्तन कर चुके आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची से बाहर करने की मांग अब तेज होती नजर आ रही है। इसी मुद्दे को लेकर जनजाति सुरक्षा मंच ने 24 मई को दिल्ली में एक बड़ी महारैली आयोजित करने की घोषणा की है।

रांची जिले के पिस्कानगड़ी क्षेत्र के नगड़ी प्रखंड स्थित दलादली में इस मुद्दे पर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड संयोजक विकास उरांव ने की। बैठक में मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मंत्री गणेश राम भगत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

‘डीलिस्टिंग’ कानून की मांग पर जोर

बैठक को संबोधित करते हुए गणेश राम भगत ने ‘डीलिस्टिंग’ कानून लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, उन्हें आदिवासी वर्ग को मिलने वाले संवैधानिक लाभों से अलग किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इससे वास्तविक और मूल आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

उन्होंने इस मुद्दे को केवल अधिकारों की नहीं, बल्कि आदिवासी पहचान और अस्तित्व की लड़ाई बताया।

दिल्ली रैली में बड़ी भागीदारी का आह्वान

भगत ने 24 मई को दिल्ली के लाल किला मैदान में प्रस्तावित ‘डीलिस्टिंग गर्जना महारैली’ को ऐतिहासिक बताते हुए देशभर के आदिवासी समाज से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस रैली के माध्यम से आदिवासी समुदाय अपनी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद करेगा।

बैठक में रैली की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और रणनीति तय की गई। कार्यक्रम के दौरान भगत ने स्वयं सहयोग राशि का पर्चा काटकर अभियान की शुरुआत की और लोगों को दिल्ली पहुंचने के लिए प्रेरित किया।

एकजुटता के साथ सफलता का संकल्प

बैठक के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एकजुट होकर रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर प्रदेश सदस्य सन्नी टोप्पो उरांव, धरती आबा स्मारक समिति के अध्यक्ष साजन मुंडा, सचिव संजय मुंडा, मंच के सह-संयोजक बलवंत तिर्की, बंधना मुंडन, मंटू मुंडन, सीमा मुंडा, स्वाति मुंडन चुडामनी, रितेश, मुकेश सहित जनजाति सुरक्षा मंच के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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