क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन ने बनाया नया रिकॉर्ड, 2025 में 23.2 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन; RBI ने जारी किए बड़े आंकड़े

नई दिल्ली: देश में डिजिटल पेमेंट का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और क्रेडिट कार्ड इसका अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा ‘पेमेंट सिस्टम रिपोर्ट, दिसंबर 2025’ के अनुसार, साल 2025 में क्रेडिट कार्ड के जरिए कुल 23.2 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। यह आंकड़ा 2021 के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा वृद्धि को दर्शाता है।
आरबीआई के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन में जबरदस्त उछाल देखा गया है। इस अवधि में ट्रांजैक्शन की संख्या 216 करोड़ से बढ़कर 570 करोड़ तक पहुंच गई है, जो करीब 2.6 गुना की वृद्धि है।
प्राइवेट बैंकों का क्रेडिट कार्ड बाजार में दबदबा बढ़ा
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि क्रेडिट कार्ड बाजार में प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की पकड़ और मजबूत हुई है। दिसंबर 2025 तक इनकी हिस्सेदारी बढ़कर 71.1 प्रतिशत हो गई, जो दिसंबर 2021 में 67.7 प्रतिशत थी। वहीं सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी 23.9 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि विदेशी बैंकों की हिस्सेदारी घटकर 3.8 प्रतिशत रह गई है।
डेबिट कार्ड के इस्तेमाल में गिरावट दर्ज
दूसरी ओर, डेबिट कार्ड के इस्तेमाल में कमी देखने को मिली है। साल 2021 में डेबिट कार्ड से 408.7 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे, जो 2025 में घटकर 133.6 करोड़ रह गए। इसी दौरान ट्रांजैक्शन वैल्यू भी 7.4 लाख करोड़ रुपये से घटकर 4.5 लाख करोड़ रुपये पर आ गई।
आरबीआई ने इस गिरावट की वजह डिजिटल पेमेंट के अन्य विकल्पों जैसे यूपीआई, डिजिटल वॉलेट और क्रेडिट कार्ड के बढ़ते उपयोग को बताया है। हालांकि, डेबिट कार्ड अब भी व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला माध्यम बना हुआ है।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम में तेज़ी से बढ़ोतरी
आरबीआई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली में पिछले कुछ वर्षों में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2016 से 2025 के बीच डिजिटल ट्रांजैक्शन की संख्या लगभग 33 गुना बढ़ गई है, जबकि इसकी वैल्यू लगभग तीन गुना तक पहुंच गई है।
कुल मिलाकर बढ़ रहा डिजिटल लेनदेन का दायरा
रिपोर्ट से साफ है कि भारत तेजी से कैशलेस इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है, जहां क्रेडिट कार्ड और अन्य डिजिटल माध्यमों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।



