पंजाब

आनंदपुर साहिब को मिलेगा नया धार्मिक-पर्यटन स्वरूप! हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट को मंजूरी, शंभू बॉर्डर पर बनेगा भव्य स्वागत द्वार

चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने राज्य की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को श्री आनंदपुर साहिब के संशोधित हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही शंभू सीमा पर पंजाब की संस्कृति और परंपरा को दर्शाने वाले भव्य स्वागत द्वार के निर्माण को भी हरी झंडी दे दी गई है।

पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों से जुड़ी उच्च स्तरीय बैठक में दोनों परियोजनाओं की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने इन्हें मंजूरी प्रदान की। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से पंजाब की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ेगी हेरिटेज स्ट्रीट

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब में प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट किला आनंदगढ़ साहिब के निकट गोल चौक से शुरू होकर तख्त श्री केसगढ़ साहिब पार्क, गुरुद्वारा सीसगंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब तक विकसित की जाएगी।

इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करना है। साथ ही ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को एक सुव्यवस्थित मार्ग से जोड़कर पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए बनेगी उच्च स्तरीय समिति

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि परियोजना को समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक विभागीय और वैधानिक मंजूरियां प्राप्त की जाएंगी। इसके डिजाइन को संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और सक्षम प्राधिकरणों से स्वीकृति दिलाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि परियोजना की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का भी गठन किया जाएगा।

शंभू सीमा पर बनेगा पंजाब की पहचान का प्रतीक द्वार

बैठक में शंभू सीमा पर प्रस्तावित स्वागत द्वार परियोजना को भी मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य संरचना पंजाब में प्रवेश करने वाले लोगों का स्वागत करेगी और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करेगी।

करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्वागत द्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित किया जाएगा। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह मौजूदा हाईवे ढांचे के साथ सहज रूप से मेल खाए और यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।

‘पंज-आब’ की अवधारणा पर आधारित होगा डिजाइन

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वागत द्वार की वास्तुकला में पंजाब की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक पहचान को विशेष स्थान दिया गया है। इसमें पत्थर की सजावट, फुलकारी से प्रेरित कलाकृतियां, आकर्षक जाली डिजाइन और अन्य पारंपरिक तत्व शामिल किए जाएंगे।

द्वार का डिजाइन ‘पंज-आब’ यानी पांच नदियों की धरती की अवधारणा पर आधारित होगा। इसके दोनों ओर पांच-पांच गुंबद बनाए जाएंगे, जो पंजाब की पांच नदियों का प्रतीक होंगे और राज्य की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाएंगे।

पर्यटन और विरासत संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि हेरिटेज स्ट्रीट और स्वागत द्वार जैसी परियोजनाएं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पंजाब की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे राज्य की ऐतिहासिक पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

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