किस पोजीशन में सोना है सबसे बेहतर? जानिए किस तरह सोने से मिल सकती है बेहतर नींद और कम हो सकता है दर्द

नई दिल्ली: अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त नींद जितनी जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण है सही पोजीशन में सोना। नींद विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की गलत मुद्रा गर्दन, पीठ और कंधों में दर्द का कारण बन सकती है। वहीं, सही पोजीशन रीढ़ की हड्डी को संतुलित रखने और शरीर को आराम देने में मदद कर सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य अलग होता है, इसलिए उपयुक्त पोजीशन व्यक्ति की जरूरतों के अनुसार बदल सकती है।
पेट के बल सोना क्यों माना जाता है कम उपयुक्त?
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट के बल सोने से गर्दन लंबे समय तक एक ओर मुड़ी रहती है, जिससे गर्दन और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। लगातार इस स्थिति में सोने से कुछ लोगों में गर्दन और पीठ दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग की समस्या है, उन्हें भी पेट के बल सोने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि आप इसी मुद्रा में सोने के आदी हैं, तो जागने के बाद कुछ देर आराम करने और धीरे-धीरे शरीर को सामान्य स्थिति में लाने की सलाह दी जाती है।
पीठ के बल सोना कई लोगों के लिए हो सकता है फायदेमंद
पीठ के बल सोने से रीढ़ की हड्डी को प्राकृतिक स्थिति में बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे गर्दन और कमर की मांसपेशियों पर अनावश्यक दबाव कम हो सकता है।
विशेषज्ञ घुटनों के नीचे एक तकिया रखने की सलाह देते हैं, जिससे कमर पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। वहीं, गर्दन के लिए पतले तकिए का उपयोग अधिक आरामदायक माना जाता है।
हालांकि, जिन लोगों को स्लीप एपनिया की समस्या है या जो अधिक खर्राटे लेते हैं, उनके लिए यह पोजीशन हर स्थिति में उपयुक्त नहीं मानी जाती, क्योंकि इससे कुछ मामलों में वायुमार्ग प्रभावित हो सकता है।
करवट लेकर सोना भी अच्छा विकल्प
करवट लेकर सोना सबसे सामान्य और आरामदायक मुद्राओं में से एक माना जाता है। इस स्थिति में रीढ़ को सीधा रखने, पैरों के बीच तकिया रखने और गर्दन को तटस्थ अवस्था में रखने से शरीर को अतिरिक्त सहारा मिल सकता है।
कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, दाहिनी करवट लेकर सोना कुछ लोगों के लिए आरामदायक हो सकता है। वहीं, विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में डॉक्टर अलग सलाह भी दे सकते हैं। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को हृदय, रीढ़ या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी स्थिति के अनुसार चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है।
सही गद्दा और तकिया भी हैं जरूरी
अच्छी नींद केवल सही पोजीशन से ही नहीं, बल्कि सही गद्दे और तकिए से भी जुड़ी होती है। ऐसा गद्दा चुनना चाहिए जो रीढ़ को पर्याप्त सहारा दे और तकिया ऐसा हो जो गर्दन को प्राकृतिक स्थिति में बनाए रखे।
यदि सुबह उठने पर लगातार गर्दन, पीठ या कंधे में दर्द महसूस होता है, तो अपनी सोने की मुद्रा के साथ-साथ गद्दे और तकिए की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए।



