बिहारराज्य

बिहार में बाढ़ का कहर, पीड़ितों के बीच पहुंचे पप्पू यादव; राहत सामग्री के साथ 500-500 रुपये की मदद

पटना: बिहार में गंगा और सोन समेत प्रमुख नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों के 82 प्रखंडों की 491 ग्राम पंचायतों में करीब 35.89 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। इस संकट के बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। वह पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री के साथ आर्थिक सहायता भी पहुंचा रहे हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं।

पप्पू यादव सुबह से बाढ़ प्रभावित गांवों में निकल रहे हैं और देर रात तक लोगों के बीच रहकर राहत व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। मंगलवार रात वह हाजीपुर पहुंचे, जहां बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने शिविर में भोजन की व्यवस्था भी देखी।

हाजीपुर में पीड़ितों के साथ बैठकर खाना खाया

बुधवार को सांसद ने हाजीपुर में गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र के पास और तेरसिया इलाके में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान वह सामुदायिक रसोई में पीड़ितों के साथ बैठकर खाना खाते भी नजर आए।

राहत कार्य के दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित महिलाओं की स्वच्छता संबंधी जरूरतों को भी प्राथमिकता दी। महिलाओं के बीच सैनिटरी पैड समेत आवश्यक सामग्री वितरित की गई। पप्पू यादव ने कहा कि आपदा के समय महिलाओं को अपनी प्राकृतिक जरूरतों के लिए किसी तरह की परेशानी या संकोच नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक राहत कार्य में भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जरूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

पटना से अरवल तक बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा

इससे पहले पप्पू यादव पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड की रूपस महाजी पंचायत, काला दियारा, रूपस चिरैया और हरदासपुर पंचायत पहुंचे थे। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

अरवल जिले के सोनभद्र बंशी प्रखंड के शादीपुर गांव में भी सांसद ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और जरूरतमंद लोगों की मदद की। वह अब तक पटना, वैशाली, सारण, आरा, बक्सर, अरवल और जहानाबाद समेत कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। प्रभावित गांवों तक पहुंचने के लिए वह ट्रैक्टर और नाव का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

बाढ़ पीड़ित परिवारों को अपनी ओर से दे रहे 500 रुपये

सांसद के अनुसार, जरूरतमंद बाढ़ पीड़ित परिवारों को उनकी ओर से 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। इसके अलावा वह राहत सामग्री के वितरण के जरिए प्रभावित परिवारों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं।

पप्पू यादव ने राज्य सरकार के राहत इंतजामों पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि करीब 54 लाख परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई इलाकों में पशुओं के लिए भूसा उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि गायें कई दिनों से खड़ी हैं और बच्चों के लिए दूध तक की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बाढ़ के बीच महिलाओं के सामने आ रही परेशानियों का भी मुद्दा उठाया।

‘मुश्किल वक्त में लोगों के बीच रहना ही प्राथमिकता’

पप्पू यादव का कहना है कि संकट की इस घड़ी में गरीबों और जरूरतमंदों के बीच रहकर मानव सेवा करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सरकार में शामिल लोगों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग बाढ़ पीड़ितों के बीच केवल फोटो खिंचवाने के लिए पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वास्तविक जरूरत प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने और उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराने की है। सांसद के मुताबिक बाढ़ पीड़ितों की सेवा और सहायता का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि बुधवार को भी वह पटना और वैशाली जिलों के गांवों का दौरा करेंगे। इसके बाद गुरुवार को भागलपुर जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचने की योजना है।

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