अन्तर्राष्ट्रीय

सीजफायर के बीच ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिका का हमला, मिसाइल धमाकों से बढ़ा तनाव; समझौते की उम्मीदों को झटका

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा समझौते की संभावनाओं के बीच केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका ईरान में सीमित स्तर पर गुप्त सैन्य कार्रवाई कर रहा था, लेकिन अब केशम द्वीप पर बड़े हमले की सूचना मिली है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच बड़े युद्ध की आशंका टलने की उम्मीद जताई थी और समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका में मध्यावधि चुनाव समाप्त होने के बाद ट्रंप पर ईरान के खिलाफ एक और बड़ी सैन्य कार्रवाई करने का दबाव बना रहे थे। वहीं, चुनाव के दौरान ट्रंप भी संकेत दे चुके थे कि ईरान पर दोबारा हमला करने का विकल्प खुला हुआ है।

‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सैन्य हमलों को सीमित दायरे में रखा गया और उनकी जानकारी गोपनीय रखी गई, ताकि अमेरिका की ओर से सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने का कोई संकेत न जाए। दूसरी ओर, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित केशम द्वीप पर कई धमाके हुए।

ट्रंप ने जताई थी बड़े युद्ध की आशंका टलने की उम्मीद

केशम द्वीप पर हमले की खबर ऐसे वक्त आई है, जब ट्रंप ने सोमवार को ही कहा था कि ईरान के साथ बड़ा युद्ध टल सकता है। उन्होंने दावा किया था कि इसी उम्मीद के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि तेल की कीमत प्रति बैरल करीब 10 डॉलर कम हुई है। उन्होंने इसे रिकॉर्ड गिरावट बताया था। ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरान जल्द से जल्द अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है।

हमले से कुछ घंटे पहले जेडी वेंस ने जताई थी समझौते की उम्मीद

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबर आने से कुछ घंटे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दोनों देशों के बीच समझौता होने की संभावना जताई थी। वेंस ने पिछले सप्ताह ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा था।

इस पत्र के बारे में सवाल पूछे जाने पर वेंस ने कहा था कि ईरान के साथ कई सकारात्मक बातचीत हुई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि करीब एक घंटे पहले ही इस मुद्दे पर उनकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चर्चा हुई थी। वेंस ने दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीद भी जाहिर की थी।

मध्यावधि चुनाव के दौरान बड़े हमले से बच रहे थे ट्रंप

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव को देखते हुए ट्रंप ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले से परहेज कर रहे थे। हालांकि, इजरायल लगातार अमेरिका पर ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बना रहा था। अब केशम द्वीप पर हमले की खबर से क्षेत्र में तनाव दोबारा बढ़ने की आशंका है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ रहा है। खासतौर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बनी हुई है। ऐसे में ताजा घटनाक्रम का असर दोनों देशों के बीच बातचीत और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

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