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एक अप्रैल से बदल जाएंगे ये सरकारी नियम, जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर

नई दिल्ली : एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से कई सरकारी नियम बदल जाएंगे। इनमें कई वित्तीय और निवेशकों से जुड़े काम शामिल हैं। जहां दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर सफर करना महंगा हो जाएगा, वहीं सोने के जेवरों की बिक्री बिना हॉलमार्क नंबर के नहीं हो सकेगी। नई कर व्यवस्था अपनाने वाले आयकर दाताओं को भी नए वित्त वर्ष में कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, कुछ काम 31 मार्च तक हर हाल में निपटाना जरूरी है, नहीं तो 1 अप्रैल से समस्याएं बढ़ जाएंगी।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक अप्रैल से सफर महंगा हो जाएगा। एनएचएआई ने टोल की दरों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। अब दिल्ली से मेरठ के लिए चार पहिया निजी वाहनों से 160 रुपये टोल की वसूली होगी। वहीं, व्यवसायिक वाहनों पर 15 रुपये से 50 रुपये तक बढ़ोतरी की गई है। इसके लिए एनएचएआई की ओर से टोल कंपनी को सर्कुलर जारी कर दिया है। इसके अनुसार 31 मार्च की आधी रात अर्थात एक अप्रैल से टोल की नई दरें लागू होगी।

दिव्यांगों को 17 सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए एक अप्रैल से अनिवार्य रूप से केंद्र द्वारा जारी दिव्यांगजनों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र (यूडीआईडी) संख्या का उल्लेख करना होगा। सरकार ने कहा कि जिनके पास यूडीआईडी कार्ड नहीं है, उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र के साथ यूडीआईडी नामांकन संख्या (केवल यूडीआईडी ​​पोर्टल से उत्पन्न) प्रदान करनी होगी।

सरकार ने नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले करदाताओं को कुछ राहत दी है। इसके लिए वित्त विधेयक (finance bill ) में संशोधन करते हुए यह व्यवस्था दी है कि सात लाख रुपये से ऊपर कुछ अतिरिक्त आय पर ही कर का भुगतान करना होगा। नया नियम एक अप्रैल से प्रभाव में आएगा। नई कर व्यवस्था में यदि किसी करदाता की वार्षिक आय सात लाख रुपये है तो कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन यदि आय सात लाख 100 रुपये है तो इस पर 25,010 रुपये का टैक्स देना पड़ता। 100 रुपये की इस अतिरिक्त आय की वजह से करदाताओं को यह कर चुकाना पड़ता है, इसीलिए ऐसे करदाताओं को मामूली राहत देने का प्रस्ताव किया गया है।

सोने की बिक्री के नियम में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। एक अप्रैल से ज्वेसर केवल उसी आभूषण को बचे पाएंगे, जिस पर छह अंकों वाला हॉलमार्क यूनिक आईडी (एचयूआईडी) नंबर दर्ज होगा। ग्राहकों के हितों के लिए इसे अनिवार्य किया गया है। इससे पहले एचयूआईडी वैकल्पिक था। हालांकि ग्राहक पुरानी ज्वैलरी को बिना हॉलमार्क के निशान को भी बेच पाएंगे।

अगर आप पांच लाख रुपये से अधिक की सालाना बीमा पॉलिसी को खरीदने वाले हैं तो नई वित्त वर्ष में आपकी जेब पर भार बढ़ जाएगा। सरकार ने बजट 2023 में यह ऐलान किया था कि सालाना पांच लाख रुपये से अधिक प्रीमियम वाली बीमा स्कीम से होने वाली कमाई पर अब एक अप्रैल 2023 से टैक्स देना होगा। इसमें यूलीप योजना को शामिल नहीं किया गया है।

भारत स्टेज-2 के लागू होने के साथ ही ऑटोमोबाइल कंपनियों की लागत बढ़ने वाली है। ऐसे में कई कंपनियां जैसे टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू , टोयोटा और ऑडी की गाड़ियों की कीमत में वृद्धि होने जा रही है। इन सभी कंपनियों ने अपनी नई दरें 1 अप्रैल, 2023 से लागू करने का फैसला किया है। अलग-अलग कंपनियों की कारें 50,000 रुपये तक का महंगी हो सकती हैं।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने पैन नंबर और आधार कार्ड को लिंक करने की अंतिम समयसीमा 31 मार्च 2023 निर्धारित की है। आयकर विभाग के अनुसार, यदि इस तिथि तक पैन को आधार से नहीं जोड़ा गया तो पैन कार्ड एक अप्रैल 2023 से निष्क्रिय हो जाएगा। यही नहीं ऐसे लोग शेयर बाजार में निवेश भी नहीं कर पाएंगे। इसके बाद पैन नंबर को दोबारा सक्रिय करने और आधार कार्ड से लिंक करने के लिए 10 हजार रुपये बतौर जुर्माना देना पड़ेगा।

अगर आप शेयर बाजार में पैसा निवेश करते हैं तो 31 मार्च तक हर हाल में अपने डीमैट खाते में नॉमिनी का नाम दाखिल अनिवार्य रूप से जोड़ दें। ऐसा न करने की स्थिति में डीमैट खाते को बंद कर दिया जाएगा। बाजार नियामक सेबी के मुताबिक डीमैट और ट्रेडिंग खाते के में नॉमिनी को जोड़ना आवश्यक है।

म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नॉमिनी दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है। यदि कोई निवेशक 31 मार्च 2023 तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो उसका म्यूचुअल फंड खाता बंद कर दिया जाएगा। उनका निवेश रुक जाएगा और कोई लेनदेन नहीं हो पाएगा। म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए आपको अपने म्यूचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट पर लॉगइन करना होगा।

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