स्तम्भ
-
शिक्षा के अधिकार का जमकर उड़ाया जा रहा मजाक
अमरेंद्र प्रताप सिंह कागजी स्कूलों को खोजते भटक रहे अभिभावक लखनऊ, 26 जुलाई, दस्तक (अमरेंद्र प्रताप सिंह) : शिक्षा के…
Read More » -
राम से बड़ा,राम का नाम!
डॉ.धीरज फुलमती सिंह मुबंई: गुरू ऋषि वशिष्ठ ने बडी बारीक़ी से ग्रहों की गणना, अध्यन करके भगवान श्रीराम जी के…
Read More » -
कारगिल के इन वीरों को शत शत नमन जिन सपूतों ने अपनी आखिरी सांस देश के नाम कर दी
कारगिल युद्ध को दो दशक पूरे हो चुके हैं। इस युद्ध में भारत ने चार भारतीय जवानों को इस युद्ध…
Read More » -
कारगिल विजय दिवस की 21वीं वर्षगाँठ
नमन दिवस जुलाई 1999 कारगिल दिवस, नमन दिवस, ऑपरेशन विजय कुछ भी नाम दे परंतु भारतीय सेना के शौर्य को…
Read More » -
पंचायतों, जिलों में समाज के स्तर पर उठाने के लिए कुछ उदाहरणस्वरूप मुद्दें और काम
के.एन. गोविन्दाचार्य पंचायतों मे जमीन, जल, जंगल, जानवर, कृषि, गोपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य न्याय को क्रियाशील करना होगा। पंचायतों को सशक्त,…
Read More » -
तनावजन्य भूख से बढ़ते मोटापे का यौगिक उपचार
डॉ. योगी रवि नई दिल्ली: लोगों की आम धारणा है कि जो लोग हसमुख और प्रसन्न होते हैं वे मोटे…
Read More » -
छोटे पड़ते कानून के हाथ
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: दो सितम्बर 2013 को धर्मगुरु आसाराम बापू बलात्कार के एक मामले में जेल भेजे गए थे।…
Read More » -
काफी पुराना है टिड्डीदल की विनाशलीलाओं का इतिहास
अमरेंद्र प्रताप सिंह वरिष्ठ पत्रकार विश्व के साठ देश बन चुके हैं शिकार, एक झुंड में होती हैं चार से…
Read More » -
डिजिटलीकरण का नवीनीकरण और अध्यापक
सर्वेश कुमार मौर्य स्तम्भ: दलित साहित्य के नामी लेखक ओमप्रकाश वाल्मीकि अपनी आत्मकथा -जूठन में अध्यापकों से जुड़े एक प्रसंग…
Read More » -
वसई-विरार के घमंडी कमिश्नर, पद महान-किर्ती लहान!
डॉ.धीरज फुलमती सिंह मुबंई: वसई-विरार के नवनियुक्त आयुक्त गंगाधरन डी पद ग्रहण करते ही अपनी कार्यशैली के कारण सुर्खियों में…
Read More » -
2010-2020 का विवरण और आगे की बात
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग 2 विचारहीन वैश्वीकरण के परिणाम देश के लिये हितकर नही हुए। आर्थिक दृष्टि से ग्राम उजड़े। बूढ़े,…
Read More » -
2010 के बाद क्या हुआ
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग 1 1995 से लेकर 2010 के 15 वर्षों में यूरोप और अमेरिका ने मिलकर WTO और उससे…
Read More » -
भारत में है नेपाल की समस्याओं का रामबाण इलाज
विवेक ओझा नई दिल्ली: नेपाल के हालिया घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि राजनीति सद्बुद्धि और दुर्बद्धी दोनों से ही रोचक,…
Read More » -
आया राम गया राम एक बार फिर से
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश चुनाव में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए वोट दिया। चुनाव के जो…
Read More » -
बहुत घातक है जातिवाद का जहर घोलने की सियासत
राघवेन्द्र प्रताप सिंह एक दुर्दांत हत्यारे के एनकाउंटर को जातिवाद के चश्में से देखने वालों को शर्म आनी चाहिए भारतीय…
Read More » -
उत्तर-कोरोना काल में स्कूली शिक्षा की चुनौतियाँ
सर्वेश कुमार मौर्य आज हम जिस दौर में हैं, वह चुनौतियों से भरा दौर है। कोरोना वायरस ने हमारे समय,…
Read More » -
हिंदी का दर्द चीन्हें!
के. विक्रम राव स्तम्भ: जरूरत है अब कि अकादमिक क्षेत्र के साथ स्कूली स्तर पर सुधार के कदम उठाये जाएँ।…
Read More » -
भारत के 1980-95 तक की राजनीति की एक झलक
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-4 सन् 89 के चुनाव मे कांग्रेस हारी। बोफोर्स का मुद्दा वैसा ही बना रहा। दुर्भाग्य से 1991…
Read More » -
भारतीय पुलिस, लोकतंत्र और सिविल सोसाइटी
सर्वेश कुमार मौर्य स्तम्भ: हाल के दिनों में पुलिस दमन-उत्पीड़न की बढ़ती हुई घटनाओं के चलते मन में कई सवाल…
Read More » -
भारत के 1980-95 तक की राजनीति की एक झलक
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग -2 सन् 80 मे श्रीमती इंदिरा गांधी के सत्तासीन होने और श्री संजय गांधी की असामयिक मृत्यु…
Read More » -
भारत के 1980-95 तक की राजनीति की एक झलक
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग -1 स्तम्भ: भारत में और दुनिया में भी इस कालखंड में बाहुबल, सैन्यबल, हथियारवाद का प्रभाव बढ़ा।…
Read More » -
पुुलिसिया चेहरे पर गुलाबी रंग
प्रसंगवश ज्ञानेन्द्र शर्मा स्तम्भ : ऐसे बहुत कम अवसर आते हैं जब पुलिस आम आदमी को दोस्त नजर आती है।…
Read More » -
भारत की राजनैतिक स्थिति पर एक नजरियाँ
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग -1 भारत की राजनीति को एक और ढंग से कालखंडों में बाँटकर देखा जा सकता है। उसका…
Read More » -
विकास दुबे का मारा जाना जरूरी था!
डॉ.धीरज फुलमती सिंह मुबंई: विकास दुबे को गिरफ्तार करके सड़क के रास्ते कानपुर लाया जा रहा था, रास्ते में उसकी…
Read More » -
अंग्रेजों के भारत से चले जाने के बाद राजनीतिक यात्रा
के.एन. गोविन्दाचार्य 30-30 वर्षों के 3 चरणों में देखी जा सकती राजनैतिक यात्रा है1950-1980, 1980-2010, 2010-2020 और आगे 2040 तक…
Read More » -
महामारी, डिजिटलीकरण और स्त्रियां
सर्वेश कुमार मौर्य बीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक में जब आर्थिक सुधारों की तथाकथित महान -ट्रिकिल डाउन थिअरी-आयी तो उसमें…
Read More » -
तौबा-तौबा,गाँव की राजनीति से ईश्वर बचाये!
डॉ.धीरज फुलमती सिंह मुबंई: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थित चुरियां मेरा पुस्तैनी गांव है। मेरा जन्म तो यहां…
Read More » -
प्रसार भारतीः सूचना व प्रसारण का सशक्त माध्यम
प्रशांत कुमार पुरुषोत्तम पटना: जिस युग में हम जी रहें हैं,वह युग सूचनाओं का है। हर क्षण हम सभी सूचनाओं…
Read More »