स्तम्भ
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लाचार गरीबों पर सियासत
अशोक पाण्डेय लखनऊ: पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में सियासी नौटंकी चल रही है। प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक…
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तुम्ही से दिल का हाल छुपाएँ, तुम्ही को हाल बताएं
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: घूस यानी रिश्वत से हमारी बहुत पुरानी जान पहचान है। हमें इससे नफरत तो है लेकिन…
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राष्ट्रभक्ति केवल भावना नहीं, जीवन व्यवहार भी है
के. एन. गोविन्दाचार्य स्तम्भ: सन् 1983 से संघ परिवार में हममें से कइयों के अभिभावक श्री यशवंत राव केलकर ने बताया…
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घर में जो रहोगे काम बन जाएगा
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: एक और लाॅकडाउन जल्दी ही दस्तक दे सकता है और यह नए किस्म का लाॅकडाउन होगा…
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प्रवासी मजदूर: देश की कमजोरी या देश की ताकत?
के. एन. गोविंदाचार्य स्तम्भ: “जंजीर की मजबूती उसकी मजबूत कड़ियों से नहीं बल्कि उसकी सबसे कमजोर कड़ी से ही आंकी…
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‘देशप्रेम की साकार और व्यावहारिक अभिव्यक्ति है स्वदेशी’
लोकेन्द्र सिंह भोपाल : मुझे आज तक एक बात समझ नहीं आई कि कुछ लोगों को स्वदेशी जैसे अनुकरणीय, उदात्त…
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संकट में है पत्रकारिता की पवित्रता
प्रो.संजय द्विवदी कसौटी पर है मीडिया की नैतिकता और समझदारी भोपाल : भारतीय मीडिया अपने पारंपरिक अधिष्ठान में भले ही…
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देश के दुखों की नदी में तैरते सवाल
प्रो. संजय द्विवेदी कोरोना के बहाने आइए अपने असल संकटों पर विचार करें भोपाल : कोरोना संकट के बहाने भारत…
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अनिल दवे : परम्परा के पथ का आधुनिक नायक
संजय द्विवेदी अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि पर विशेष भोपाल : पर्यावरण, जल, जीवन और जंगल के सवाल भी किसी…
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नया धारावाहिक: ‘लाॅकडाउन’
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: तो आइए हम आपको लाॅकडाउन नाम के धारावाहिक के चौथे भाग पर ले चलते हैं। चौथे…
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आत्मनिर्भर अभियान के तहत 20 लाख करोड़ में से 40 हजार करोड मनरेगा को आवंटित
कन्हैया पांडे सरकार की पांचवें दौर की घोषणाएं नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोविड़-19 महामारी से लड़ने के लिए…
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“श्रीकृष्ण की पावन नगरी मथुरा में श्रीराम चर्चा का वो अनूठा और मार्मिक प्रसंग”
राम महेश मिश्र बात बीती शताब्दी के आख़िरी दशक की है। साल रहा होगा कोई 1991/92 का। हम सपत्नीक कृष्णनगरी…
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चार्ली चैपलिन भी थे वी.शांताराम के प्रशंसक
विमल अनुराग भारत की पहली द्विभाषिक फिल्म और पहली रंगीन फिल्म के लिए प्रयास करने वाले नवाचारी निर्देशक वी.शांताराम की…
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तुम्हें बुरी सांस से बचाए भगवान!
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: माताएं एक जमाने से अपने लाडलों को बुरी नजर से बचाने के लिए माथे पर काला…
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स्वदेशी की दिशा में बढ़ने का आज का तकाजा
के. एन. गोविंदाचार्य स्तम्भ: प्रवासी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के स्वरोजगारियों की घर-वापसी की अंतहीन व्यथा-कथा, उनका मौन विलाप पिछले…
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के.एल. सहगल से बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए जैसे गीत गवाने वाले फिल्म निर्माता “फनी मजूमदार”
विमल अनुराग पुण्यतिथि पर विशेष भारतीय सिनेमाई जगत की गरिमा और महिमा को सम्मान देने वाले लोग आज फिल्म निर्माता…
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बदरुद्दीन जमालुद्दीन काज़ी बिना पिये ही बन गए ‘जॉनी वॉकर’
मनीष ओझा “ज़मीर कांप तो जाता है कुछ भी कहिये वो हो गुनाह के पहले या गुनाह के बाद।।” स्तम्भ:…
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बूढ़ों की रक्षा की खातिर
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: अपने देश में कई पश्चिमी देशों की तुलना में कम बूढ़े हैं तो भी उनकी खातिरदारी…
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उत्तर प्रदेश में भत्ते खत्म होने से 16 लाख कर्मचारी नाराज
लखनऊ (संजय सक्सेना) : कोरोना महामारी के समय आर्थिक तंगी से जूझ रही योगी सरकार एक तरफ जरूरतमंदों का पेट…
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लॉकडाउन के हमारे गुमनाम नायक
डॉ.धीरज फुलमती सिंह मुम्बई: भारत मे लॉक डाउन हुए 50 दिन पूरे हो चुके हैं। हम सब जानते हैं कि…
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पैकेज के पार खड़े मजदूर
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: कहा जाता है कि मुसीबत अकेले नहीं आती। कई विपत्तियाॅ साथ में लेकर आती है। तमाम…
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इस्लामोफोबिया के मूल में क्या है ?
सुधांशु दिवेदी स्तम्भ: इस्लामोफोबिया का यह दौर नया है पर इसका इतिहास नया नहीं है। इसका इतिहास हज़ार साल पुराना…
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सैकड़ों कोस पैदल चलने वालो की आपबीती..
अशोक पाण्डेय पहले लॉकडाउन और दूसरे लॉकडाउन में घर से पैसा मंगाकर खाया। जब घर पर भी पैसा खत्म हो…
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आज के दिन ही शुऱू हुई थी विद्वानों की सभा “राज्य सभा”
प्रशांत कुमार पुरुषोत्तम स्तम्भ: भारतीय लोकतंत्र के संविधान के अनुच्छेद एक का उपानुच्छेद एक में वर्णित है कि भारत, अर्थात्…
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मर्म तो छू लिया मगर….
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह कहकर कि ‘लोकल के लिए वोकल’ होइए यानी स्थानीय स्तर पर…
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भारत के पांचवें राष्ट्रपति थे फखरुद्दीन अली अहमद
प्रशांत कुमार पुरुषोत्तम जयंती पर विशेष राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद को 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गिरफ्तार कर…
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भारत की कल्पना शक्ति के ‘गाइड’ थे आर के नारायण
विमल अनुराग पुण्यतिथि पर विशेष भारत में अंग्रेजी उपन्यासों के प्रति आकर्षण भाव बढ़ाने वाले, हृदय स्पर्शी कृतियों की रचना…
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स्वतंत्र भारत के प्रथम संसद के पहले सत्र की वर्षगाँठ
प्रशांत कुमार पुरुषोत्तम संसद प्रथम सत्र वर्षगॉठ पर विशेष नई दिल्ली: मध्य रात्रि की बेला थी। 14 अगस्त 15 अगस्त…
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