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Google Storage Policy: अब मुफ्त में नहीं मिलेगा पूरा 15GB स्टोरेज! गूगल ने बदला नियम, यूजर्स को करना होगा ये काम

नई दिल्ली: गूगल की फ्री सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने अपनी क्लाउड स्टोरेज पॉलिसी में अहम बदलाव लागू करना शुरू कर दिया है। अब नए यूजर्स को पहले की तरह सीधे 15GB फ्री स्टोरेज नहीं मिलेगी। बताया जा रहा है कि बिना मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन के यूजर्स को सिर्फ 5GB स्टोरेज दी जा रही है।

गूगल की यह नई व्यवस्था Gmail, Google Drive और Google Photos जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों को सीधे प्रभावित कर सकती है। खासकर उन यूजर्स के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है जो अपनी प्राइवेसी के चलते मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते।

15GB स्टोरेज के लिए पूरी करनी होगी नई शर्त

रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ नए यूजर्स को अकाउंट सेटअप के दौरान ऐसा नोटिफिकेशन मिला है, जिसमें साफ लिखा गया कि अकाउंट के साथ केवल 5GB स्टोरेज शामिल है। वहीं 15GB की पूरी फ्री लिमिट पाने के लिए मोबाइल नंबर वेरिफाई करना जरूरी बताया गया है।

यानी अब गूगल अकाउंट बनाते समय मोबाइल नंबर जोड़ना लगभग अनिवार्य हो सकता है। माना जा रहा है कि कंपनी फर्जी अकाउंट्स और स्पैम गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठा रही है।

पहले क्या था नियम?

अब तक गूगल का नियम यह था कि नया अकाउंट बनाते ही हर यूजर को बिना किसी अतिरिक्त शर्त के 15GB क्लाउड स्टोरेज मुफ्त मिलती थी। यही वजह थी कि Google Photos और Google Drive जैसी सेवाएं दुनिया भर में बेहद लोकप्रिय हुईं।

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल के iCloud जैसे प्लेटफॉर्म की तुलना में गूगल की ज्यादा मुफ्त स्टोरेज उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। लेकिन अब नए नियमों के बाद यूजर्स के लिए स्थिति बदल सकती है।

क्या खत्म हो जाएगा नंबर स्किप करने का विकल्प?

अब तक कई बार जीमेल अकाउंट बनाते समय मोबाइल नंबर स्किप करने या किसी पुराने ईमेल आईडी के जरिए अकाउंट सेटअप करने का विकल्प मिल जाता था। हालांकि नए बदलाव के बाद यह विकल्प सीमित हो सकता है। फिलहाल कंपनी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन यूजर्स के पास एक से ज्यादा मोबाइल नंबर हैं, वे अलग-अलग नंबरों के जरिए कई अकाउंट बनाकर ज्यादा स्टोरेज हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि यह तरीका भविष्य में सीमित किया जा सकता है।

आम यूजर्स पर क्या होगा असर?

आज के समय में स्मार्टफोन यूजर्स का बड़ा हिस्सा Gmail, Drive और Photos जैसी सेवाओं पर निर्भर है। फोटो बैकअप, ऑफिस डॉक्यूमेंट्स, वीडियो और जरूरी फाइलें क्लाउड पर सेव करना अब रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है।

ऐसे में यदि बिना नंबर वेरिफिकेशन के स्टोरेज लिमिट सिर्फ 5GB रह जाती है, तो कई यूजर्स को अतिरिक्त स्टोरेज खरीदने की जरूरत पड़ सकती है। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं जो सुरक्षा और प्राइवेसी कारणों से अपना मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते।

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