
नई दिल्ली: हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप आज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय को पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए सामान्य से अधिक दबाव बनाना पड़ता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो दिल का दौरा, स्ट्रोक, आंखों की रेटिना को नुकसान और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
क्या होता है हाई ब्लड प्रेशर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य स्तर से अधिक हो जाता है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन कहा जाता है। सामान्य रक्तचाप 120/80 मिमी एचजी माना जाता है। यदि रक्तचाप लगातार इससे अधिक बना रहता है, तो यह उच्च रक्तचाप की स्थिति हो सकती है।
किन लक्षणों से मिलते हैं संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर चकराना, घबराहट, अधिक पसीना आना और नींद न आना हाई ब्लड प्रेशर के संभावित लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, ये लक्षण अन्य कारणों से भी हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। रक्तचाप की नियमित जांच कराना सबसे विश्वसनीय तरीका माना जाता है।
क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर?
बदलती जीवनशैली, लगातार तनाव, शारीरिक थकान और असंतुलित खानपान को उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारणों में गिना जाता है। इसके अलावा अधिक नमक का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन भी रक्तचाप बढ़ने का जोखिम बढ़ा सकता है।
खट्टे फलों को बनाएं डाइट का हिस्सा
उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए संतरा, नींबू, अंगूर जैसे खट्टे फल और केला लाभकारी माने जाते हैं। इनमें विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
बीन्स और दालें भी हैं फायदेमंद
बीन्स और विभिन्न प्रकार की दालों में फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं। कई अध्ययनों में इनके नियमित सेवन को रक्तचाप नियंत्रित रखने में सहायक बताया गया है।
जामुन का करें सेवन
जामुन एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिससे रक्त वाहिकाओं के कार्य में सुधार होता है और रक्तचाप नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है।
जीवनशैली में बदलाव भी है जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव पर नियंत्रण, पर्याप्त नींद और समय-समय पर रक्तचाप की जांच जैसी आदतें अपनाकर उच्च रक्तचाप के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



