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बेनजीर भुट्टो हत्या कांड के आरोपियों में शामिल रहेगा मुशर्रफ का नाम

bana1 (550 x 550)इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तानी आतंकवाद-निरोधी अदालत ने बेनजीर भुट्टो हत्याकांड के आरोपियों में से पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ का नाम हटाने से आज इंकार कर दिया और सुनवायी के लिए नई तारीख तय कर दी। पूर्व राष्ट्रपति के लिए यह बहुत बड़ा झटका है।
मुशर्रफ के वकील अख्तर शाह ने अदालत से अनुरोध किया था कि वह इस मुकदमे से जनरल का नाम हटा दे। शाह की दलीलें सुनने के बाद रावलपिंडी की अदालत ने याचिका को अमान्य करार देते हुए उसे खारिज कर दिया। मालूम हो कि पूर्व प्रधानमंत्री भुट्टो दिसंबर 2007 में रावलपिंडी में एक चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद एक आत्मघाती हमले में मारी गई थीं. मुशर्रफ पर उन्हें समुचित सुरक्षा मुहैया नहीं कराने का आरोप है। अदालत ने इस मुकदमे में पक्ष और गवाह बनने के शाह के अनुरोध को भी खारिज करते हुए कहा कि वह इस मामले में राजनीतिक रुप से जुड़े हुए हैं।
अदालत ने आदेश दिया है कि इस मामले में नए सिरे से सुनवायी 22 अक्तूबर से शुरु होगी। अदालत ने तीनों गवाहों को भी बुलाया है। संघीय जांच एजेंसी ने 25 जून को दायर किए गए अंतिम आरोपपत्र में मुशर्रफ को `मुख्य आरोपी’ बनाया है। विदित हो कि आतंकवाद-निरोधी अदालत ने 20 अगस्त को मुशर्रफ को अभ्यारोपित किया था। 70 वर्षीय पूर्व सेना प्रमुख को संघीय जांच एजेंसी ने 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया था लेकिन बाद में 10-10 लाख रुपए के दो मुचलकों के आधार पर उन्हें जमानत मिल गई थी। मुशर्रफ पर अन्य मामलों में भी गंभीर आरोप हैं। इनमें वर्ष 2006 का अकबर बुग्ती हत्या कांड और वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को अवैध तरीके से नजरबंद करना और आपातकाल लागू करना शामिल है। बुग्ती हत्या कांड मामले की सुनवायी क्वेटा से इस्लामाबाद स्थानांतरित करने के मुशर्रफ के अनुरोध को सर्वोच्च न्यायालय ने कल खारिज कर दिया। मुशर्रफ फिलहाल इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में बने अपने फार्महाउस में कैद हैं। सुरक्षा कारणों से उन्हें मुकदमे की सुनवायी के दौरान उपस्थित होने से भी छूट मिली हुई है।

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