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एनडीआरएफ ने 1.5 लाख जानें बचाई और 7.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया: नित्यानंद राय

नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर नित्यानंद राय ने कहा कि एनडीआरएफ द्वारा अब तक 8,500 से ज्यादा बचाव अभियानों के दौरान लगभग 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है तथा 7.5 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

अपने सम्बोधन में नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आज एनडीआरएफ आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी निस्वार्थ मानवीय सेवाओं के कारण आपदा प्रतिक्रिया और आपदा न्यूनीकरण के क्षेत्र में अपनी एक उत्कृष्ट पहचान बना चुका है और निरंतर नई ऊंचाईयों को हासिल कर रहा है।

केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभ में एनडीआरएफ में वाहिनियों की संख्या मात्र 8 थी, जो अब बढ़कर 16 हो गयी है। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीमें देश के 28 शहरों में रीजनल रिस्पांस सेंटर के रूप में किसी भी आपदा में त्वरित कार्यवाही के लिए तैनात हैं। उन्होंने कहा किएनडीआरएफ देश का एकमात्र ऐसा बल है, जो देश में किसी भी क्षेत्र में आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करने के लिए बहु-कुशल बचावकर्मी, उच्च तकनीक तथा आधुनिक उपकरणों के साथ कम से कम समय में पहुंचता है।

केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में देश में आई विभिन्न आपदाओं जैसे चक्रवात और बाढ़ के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के साथ आपदा से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया व भौतिक रूप से भी आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। जिससे इन आपदाओं पर काबू पाने में देश ने सफलता मिली।

नित्यानंद राय ने बताया कि एनडीआरएफ ने नेहरु युवा केंद्र संगठन के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर डिजास्टर रिस्पांस टीम विकसित करने के लिए देश के मल्टी हेजर्ड जिलों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शुरू किया है और अब तक एनडीआरएफ अपनी सभी बटालियनों और रीजनल रिस्पांस सेंटर में 10 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर चुका है, तथा वर्ष 2024 तक 70 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

नित्यानंद राय ने कहा कि इस वर्ष जी-20 की अध्यक्षता भारत के पास है और इस बारे में आज हर भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ और परमाणु ऊर्जा विभाग के दिशा-निर्देशन में सभी हितधारकों को जागरूक करने का काम किया जाएगा जो विभिन्न देशों से आने वाले प्रतिनिधियों के आपदा-प्रबंधन की देख-रेख करेंगे।

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