SCO Summit: बिश्केक में रक्षा मंत्री राजनाथसिंह ने की चीनी समकक्ष से मुलाकात, एलएसी पर शांति-पश्चिम एशिया संकट पर हुई चर्चा

बिश्केक : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक (Bishkek) में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जुन से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ पश्चिम एशिया के संकट जैसे क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को खुशी जताई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए। जून 2020 में गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद भारत और चीन के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था, जिसे अब सुधारने की कोशिश की जा रही है। दोनों देशों ने राजनयिक और सैन्य बातचीत के बाद पूर्वी लद्दाख में कई विवादित जगहों से अपनी सेनाएं पीछे हटाई हैं।
अक्टूबर 2024 में डेपसांग और डेमचोक जैसे आखिरी दो विवादित बिंदुओं पर भी सैनिकों को हटाने का समझौता हुआ था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कजान में मुलाकात कर रिश्तों को बेहतर बनाने के फैसले लिए थे। पिछले साल अगस्त में पीएम मोदी ने तियानजिन में भी शी जिनपिंग से बात की थी और आपसी विश्वास व सम्मान पर जोर दिया था। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव से भी मुलाकात की। दोनों के बीच S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की सप्लाई सहित कई रक्षा परियोजनाओं पर बात हुई। भारत ने 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर का समझौता किया था। इसमें से तीन मिसाइल सिस्टम भारत को मिल चुके हैं। चौथी यूनिट अगले कुछ दिनों में और पांचवीं नवंबर तक मिलने की उम्मीद है। पिछले महीने ही भारत ने रूस से पांच और S-400 सिस्टम खरीदने को मंजूरी दी है, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।
इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन से भी मुलाकात की। उन्होंने रक्षा सहयोग को मजबूत करने और ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी पर चर्चा की। राजनाथ सिंह ने किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के रक्षा मंत्रियों के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं। किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल मुकाम्बेटोव रुस्लान मुस्तफेविच के साथ बातचीत में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया गया। राजनाथ सिंह सोमवार को बिश्केक पहुंचे थे।



