मध्य प्रदेशराज्य

धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा की कथाएं सबसे ज्यादा डिमांड में, नेताओं में मची कथा कराने की होड़

इंदौर: मध्य प्रदेश में राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों पर इन दिनों धार्मिक संत या बाबा भारी पड़ रहे है. नेता उनकी कथा (Katha) या प्रवचन की बुकिंग के लिए परेशान घूम रहे हैं, जिन्हें बुकिंग मिल गई है, वो करोड़ों रुपये फूंककर कथा की तैयारियों में जुटे हैं. इस कथा-भागवत के रास्ते वोटों की फसल काटने की तैयारी चल रही है.

बताते चलें कि चुनावी साल में मध्य प्रदेश के दो कथावाचक बाबा इन दिनों बहुत व्यस्त हैं. सिहोर के कुबेरेश्वर धाम के कथावाचक प्रदीप मिश्रा और छतरपुर के बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री. इनकी कथा कराने की नेताओं में होड़ लगी हुई है. दोनों कथावाचक आने वाले महीनों में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में घूम-घूमकर कथा करने वाले हैं. दिलचस्प ये है कि दोनों ही कथावाचकों की कथा कराने वालों में राजनीतिक दलों से जुड़े नेता ज्यादा हैं. हांलाकि,ये दोनों कथावाचक अपनी आने वाली तारीखों के बारे में खुलासा नहीं करते मगर उनसे जुड़े लोगों का दावा है कि दोनों कथावाचकों की कथा आयोजित कराने की नेताओं में होड़ लगी हुयी है.

बागेश्वर धाम के महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुछ दिन पहले ही टीकमगढ़ से कथा करके लौटे हैं. कुछ दिनों बाद ही अब इनको जबलपुर जाना है, जहां पर 25 से 31 मार्च तक कथा और दिव्य दरबार लगना है. बाबा की कथा में आने वाली भीड़ और जनता का उत्साह देखकर जबलपुर में बड़ी तैयारियां की जा रहीं हैं. बाबा की कथा के आयोजक सुशील तिवारी उर्फ इंदू है, जो जबलपुर से सटी पनागर विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक हैं. विधायक इंदु तिवारी धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा के आयोजन में रात दिन एक किये हुये हैं. फिलहाल, वो अपनी विधानसभा के मतदाताओं को पीले चावल बांट कर कथा में आने आमंत्रण दे रहे हैं.

बताते हैं कि बागेश्वर धाम के बाबा यानी धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का आजकल इतना जलवा है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों के नेता उनकी कथा कराना चाहते हैं. पिछले दिनों कमलनाथ जब उनके पास गये थे तो छिंदवाड़ा में कथा कराने की तारीखों के बारे में जानकारी लेकर लौटे हैं. कुछ दिनों पहले तक उनके सांसद पुत्र नकुल नाथ भी छिंदवाडा में धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा कराना चाह रहे थे. बाबा की कथाएं आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कई जिलों में होंगी.

बागेश्वर धाम के अलावा मध्य प्रदेश के दूसरे चर्चित कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा हैं. पंडित प्रदीप मिश्रा को 14 से 20 मार्च तक गाजियाबाद, 24 से 30 मार्च कोटेश्वर, 04 अप्रेल से 10 अप्रेल तक उज्जैन और 01 जून से 7 जून तक जबलपुर में कथा करनी है. इन जगहों पर उनकी कथा की तैयारियां हो रहीं हैं. उज्जैन की कथा की आयोजन समिति में महापौर भी शामिल हैं. होली के पहले 28 फरवरी से 6 मार्च तक प्रदीप मिश्रा की बेटमा में कथा हुई थी, जिसके आयोजक कांग्रेस नेता पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल थे. उधर जब एबीपी न्यूज़ ने बाबा से उनकी आने वाली कथाओं के लिये लगने वाली कतार के बारे में पूछना चाहा तो उनका जवाब होली की शुभकामनाओं तक ही सीमित रहा.

मध्य प्रदेश में इस साल चुनाव होने हैं. इन कथावाचकों के आयोजन से टिकट के दावेदार अपनी प्रोफाइल बढ़ाते हैं. आलाकमान को दिये जाने वाले बायोडाटा में इस बात का जिक्र किया जाता है कि टिकट के आकांक्षी ने इतनी कथाएं करवायीं हैं. ऐसे में इन दो कथावाचकों की कथा के आयोजन पर तो खासे नंबर बढ़ जाते हैं. राजनीतिक विश्लेषक गिरजाशंकर का कहना है कि अब राजनेताओं की सभाओं में भीड़ आनी कम हो गयी है. ऐसे में कथावाचकों की कथाओं में आने वाली भीड़ के सहारे ही वोट पकाने की रणनीति राजनीतिक दलों के नेता करने लगे हैं. यही वजह है कि कथाओं की बाढ़ सी आयी हुई है.

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