दस्तक-विशेष

    जमीन, जल, जंगल, जानवर– प्रकृति केन्द्रित विकास की कुछ बातें

    के.एन. गोविन्दाचार्य गोवंश हत्याबंदी कानून In Letter and Spirit लागू हो। एक मनुष्य पर एक गोवंश का लक्ष्य रखकर प्रयास…

    Read More »

    सारी दुनिया का बोझ हम उठाते है

    राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर विशेष उमेश यादव/ रामसरन मौर्या: चिकित्सक को धरती का भगवान कहा जाता है।क्योंकि मानव हो या जीव…

    Read More »

    धर्मसत्ता, नैतिकता, गरीब परस्ती, कानून व्यवस्था, सामाजिक एकता, सद्भाव

    के.एन. गोविन्दाचार्य स्तम्भ सभी को सम्मान मिले। सही को सत्ता, संपत्ति से ज्यादा महत्त्व मिले।धर्मसत्ता के क्षेत्र मे अपरिग्रह, निरहंभावना…

    Read More »

    यूरोपीय संघ ने यूरोप में अमेरिकी पर्यटकों के भ्रमण पर लगाई रोक

    विवेक ओझा यूरोपीय देशों को ये स्पष्ट करना चाहिए कि कोरोना वायरस के वक़्त बने क़ानून स्थायी नहीं हैं। लेकिन…

    Read More »

    आर्थिक मोर्चों पर चीन को घेरता भारत

    कन्हैया पांडे टिक टॉक के कुल यूजर्स में 30% यूजर्स भारत से हैं और टिक टॉक कंपनी का 10% रेवेन्यू…

    Read More »

    कोविड-19 से प्रभावित बच्चों के लिए यूनिसेफ ने चलाया चाइल्डहुड चैलेंज अभियान

    विवेक ओझा यूनीसेफ़ का अनुमान है कि विश्व स्तर पर, अगले छह महीनों में प्रतिदिन अतिरिक्त 6000 बच्चों की मौत…

    Read More »

    क्या रखा है हिंदी में यार

    ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: शनिवार 27 जून को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केरल की मारथोमा गिरजाघर के 90-वें जयंती समारोह…

    Read More »

    कोरोना महामारी से मानवता व्यथित

    हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : विश्व अशांत है। कोरोना महामारी से विश्व मानवता पर व्यथित है। दुनिया भयग्रस्त है। मृत्यु सामने…

    Read More »

    दबावमुक्त रहते हैं आत्मनिर्भर समाज व राष्ट्र

    हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : आत्मनिर्भरता सबसे बड़ा सुख है। आत्मनिर्भर समाज और राष्ट्र अपने निर्णयों में दबावमुक्त रहते हैं। सशक्त…

    Read More »

    कोरोना महामारी से दुनिया में विषाद-अवसाद का वातावरण

    हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : कोरोना महामारी ने दुनिया भर में विषाद अवसाद का वातावरण बनाया है। लोगों में हताशा है।…

    Read More »

    कोरोना वायरस : सतर्कता की बात ठीक, डराना सही नहीं

    हृदयनारायण दीक्षित लखनऊ : कोरोना महामारी है। महमारी की इस अवधि में हजारों विद्वान व विशेषज्ञ प्रकट हो गए हैं।…

    Read More »

    …आखिर हिंदी वालों की हिंदी से इतनी दूरी क्यों!

    उमेश यादव हमें दुनिया से रूबरू कराने वाली हमारी मात्र भाषा हिंदी है। जन्म के बाद गोद में बच्चा पहला…

    Read More »

    भारतवर्ष : आज की स्थिति, लक्ष्य, दिशा और तदर्थ कार्य

    के.एन. गोविन्दाचार्य 1980 से लेकर 2020 तक चली उदारीकरण या वैश्वीकरण की प्रक्रिया का भारत पर क्या असर पड़ा?, इसका…

    Read More »

    नव-स्वर्ग” ने की संकट में “मुस्कान के साथ सेवा”

    पूर्वोत्तर रेलवे की अनोखी पहल से महामारी में लोगों को मिली मदद लखनऊ, 27 जून दस्तक (ब्यूरो): जीवन सदैव चुनौतियों…

    Read More »

    जन मन की बात: पतंजलि की कोरोना पर बनी दवा पर रोक

    उमेश यादव सस्ती लोकप्रियता का प्री प्लान या लाइसेंस के लिये अधूरा ज्ञान! जब कभी कोई बड़े बैनर की फ़िल्म…

    Read More »

    भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिति (सन 1980-2020) : एक विहंगावलोकन

    के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-3 वियतनाम की तरह ब्राजील ने भी गन्ना के क्षेत्र मे अपने उत्पादन को दो धाराओं मे बाँट…

    Read More »

    देश पर संकट के समय ओछी राजनीति करता गांधी परिवार

    संजय सक्सेना लखनऊ : करीब छह वर्ष पूर्व देश की जनता ने कांगे्रस से दिल्ली का ‘राजपाठ’ छीन कर मोदी…

    Read More »

    सांसद आदर्श ग्राम योजना को ‘दम तोड़ते’ देखना दुखद

    संजय सक्सेना लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रथम कार्यकाल की अति-महत्वाकाक्षी ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ को लेकर जो नतीजे…

    Read More »

    क्यों न अनाथालय को वृद्धाश्रम से जोड़ दिया जाए

    कवि दशरथ प्रजापत राजस्थान: छोटी—छोटी व्यवस्थाओं से लोगों को अपार खुशी प्रदान की जा सकती हैं। देश में ऐसे कई…

    Read More »

    भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिति (सन 1980-2020) : एक विहंगावलोकन

    के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-2 उसी प्रकार की बात विदेश व्यापार के नियमों के बारे मे भी अनुभव मे आती है। शोषण…

    Read More »

    सुशांत सिह राजपूत: आत्महत्या या हत्या की साजिश?

    डॉ. धीरज फुलमती सिंह मुबंई: पटना से आया एक लड़का जब सिनेमा के रुपहले पर्दे पर मुस्कुराता था तो कई…

    Read More »

    भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिति (सन 1980-2020) : एक विहंगावलोकन

    के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-1 द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और संयुक्त राष्ट्र संघ आदि वैश्विक संगठनों के बाद ही सरकारवाद, जिसे…

    Read More »

    …फिर सामने आया बालिका संरक्षण गृह का ‘पाप’

    संजय सक्सेना लखनऊ : उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर के राजकीय बाल गृह (बालिका) में करीब 59 नाबालिग लड़कियों…

    Read More »

    इक्कीसवीं सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि

    के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-3 2005 के बाद पूरी दुनिया में “विकास” के बारे में बहस भी शुरू हो गई। 2008 के…

    Read More »

    उत्तर पूर्वी भारत में नृजातीय पहचान बचाने की कवायद

    विवेक ओझा स्तम्भ: उत्तर पूर्वी भारतीय राज्यों के लिए नृजातीय समुदायों के अधिवास की समस्या एक बड़ी चुनौती के रूप…

    Read More »

    इक्कीसवीं सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि

    के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-2 भारत पहले रूस, फिर थोड़े समय चीन और 1990 से अमेरिका बनने की कोशिश मे लगा। पर…

    Read More »

    चीन विवाद : जनभावनाओं को समझने में चूकती कांग्रेस

    डॉ अजय खेमरिया स्तम्भ : राहुल गांधी कांग्रेस के लिए तब तक अपरिहार्य राजनीतिक समस्या बने रहेंगे जब तक वे…

    Read More »

    मानसून के मौसम में रखें सेहत का ख्याल : डॉ अनुरुद्ध वर्मा

    वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ अनुरुद्ध वर्मा बरसात में संक्रामक बीमारियों से बचने के लिये बरते सावधानी उमेश यादव: गर्मी के…

    Read More »
    Back to top button